माँ के इस आँचल मैं

माँ के इस आँचल मैं
प्यार का सकून मिलता है
जीने की तमन्नाओ में
नया अंदाज़ मिलता है
यू तो दोलत की छांव
में लोग जीते और मरते है
मगर माँ के इस आँचल में
फलते फूलते रहते है
यू बड़े हो कर भूल जाते है
माँ बाप का प्यार
लेकिन जीवन में काम आता है
उनका आदर्श और प्यार |


:- यशोदा कुमावत

6 टिप्पणियाँ:

दिलीप ने कहा…

मातृ दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ

अजय कुमार ने कहा…

संसार की समस्त माताओं को नमन

Suman ने कहा…

nice

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ ने कहा…

Blog Jagat Men swagat hai.

----- श्रेष्ठ भारत ----- ने कहा…

बहुत अच्छा चित्र और शानदार कविता है आपकी, सच मे ! आपका गुड्डू भी अच्छा है ! आप कहा रहती है, मुझे आपका घर बहुत अच्छा लगा बहन

Richa P Madhwani ने कहा…

bahut badiya
http://shayaridays.blogspot.com