उसके नाम से

अब नफ़रत है मोहब्बत के नाम से |
अब जलन होती है उसके नाम से ||

सितम लांखों ढ़ाए उसने फिर भी |
आँखे क्यूँ रोती आज उसके नाम से ||
http://www.bhaskar.com/2009/08/13/images/Women21.jpg

:- यशोदा कुमावत

2 टिप्पणियाँ:

yugal mehra ने कहा…

मोहब्बत बड़े काम की चीज़ है, अच्छा शेर

राजेन्द्र मीणा ने कहा…

सुन्दर प्रस्तुति ...चारो पंक्तियाँ मिलकर अपने आप में बहुत कुछ कहती है ,,,अच्छी रचना

http://athaah.blogspot.com/