मोहब्बत के लायक इन्सान नहीं मिलता


चाँद सितारों से प्यार कहाँ मिलता |
चाँद सितारों से यार कहाँ मिलता ||

फिर भी इन नज़रों से मोहब्बत है मुझे |
जमीं पे इन जैसा इन्सां कहाँ मिलता ||


:- यशोदा कुमावत

1 टिप्पणियाँ:

वन्दना ने कहा…

sach hai jamane mein mohabbat ke layak insaan ab nahi rahe..........sundar bhav.